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Tuesday, 6 June 2017

Make Money Without Work - पैसों को अपना गुलाम कैसे बनायें? |


दुनिया में सभी लोग अधिक से अधिक पैसा (money) कमाने की इच्छा रखते हैं। ऐसा होना जरुरी भी है, क्योंकि हमारे जीवन (life) की 90% जरुरतें पैसा ही पूरा करता है।

शायद ही कोई ऐसा इंसान मिले जो पैसा मिलने पर खुश (happy) न होता हो। पैसा हमारे जीवन का एक बहुत जरुरी हिस्सा है।

इंसान की असीमित इच्छाएं (unlimited wants) होती हैं, जिसमे से बहुत सी ऐसी इच्छाएं (desire) होती हैं जिन्हें पूरा करके ही हम एक खुशहाल और सकारात्मक जीवन (happy and positive life) व्यतीत कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सभी इच्छाओं को पूरा करने के पीछे direct या indirect रूप से money की ही जरुरत होती है।

दोस्तों! आपने कभी अमीर लोगों की दिनचर्या (Rich people’s daily routine) पर ध्यान दिया है? जरूर दिया होगा।

अमीर लोगों के पास बहुत सी property होती है। वह जब चाहें अपनी फैमिली के साथ holidays मनाने कहीं भी चले जाते हैं, कारों में घूमते हैं, luxury बस्तुओं का use करते हैं।

आपने यह भी ध्यान दिया होगा कि वह month में जितना पैसा कमाते हैं उसके हिसाब से काम बहुत कम करते हैं जबकि एक गरीब व्यक्ति (poor people) सुबह से शाम तक भी लगातार work करे, फिर भी केवल उतनी ही money earn कर पाता है जितना एक व्यक्ति को जीवन जीने के लिए जरुरी होता है।

तो अब प्रश्न यह आता है कि–

“अमीर लोग ऐसा क्या करते हैं जिससे कम काम करने के बाद भी वह महीने में बहुत अधिक धन कमा लेते हैं और गरीब व्यक्ति ऐसा क्या नहीं कर पाते जिससे अधिक काम करने के बाद भी वह बहुत कम पैसे कमा पाते है?”

दोस्तों! इस प्रश्न का मेरे पास एक सीधा सा उत्तर है कि–

“अमीर लोग पैसे को अपना गुलाम (slave) बना लेते हैं जबकि गरीब लोग ऐसा नहीं कर पाते और वह खुद ही पैसे के गुलाम बन जाते हैं।”
“अमीर लोग पैसे को अपना गुलाम (slave) बना लेते हैं जबकि गरीब लोग ऐसा नहीं कर पाते और वह खुद ही पैसे के गुलाम बन जाते हैं।”
इस बात को मैं एक प्रेरणादायक कहानी (inspiring story) के द्वारा आपको समझाना चाहता हूँ। कृपया इस कहानी को ध्यान से पढ़िए–

Inspiring Story On Make Money Without Work

बहुत समय पहले किसी गांव में श्यामू नाम का एक किसान रहता था। उसके पास बहुत थोड़ी जमीन थी। किसी तरह बहुत मेहनत (hard work) करने के बाद भी वह उतना ही कमा पाता था जिससे केवल उसका गुजरा हो सके।

श्यामू बचपन से ही एक अमीर किसान (rich farmer) बनने के बारे में सोचता था। तरह-तरह की परेशानियों से तंग आकर अब उसने अपने मन में अमीर किसान बनने की ठान ली।

उसके पास कुछ पैसे जमा थे जिससे उसने एक गुलाम खरीद लिया। इस गुलाम को उसने अपने खेत में काम करने के लिए रखा था। अब गुलाम खेत में काम करता था।

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वह स्वयं जंगल से सूखी लकड़ी काटकर शहर में जाता और उसे बेचकर आता। कई महीने बाद उसने लकड़ियाँ बेचकर इतना पैसा जमा कर लिया कि उस पैसे से एक और गुलाम खरीदा जा सके।

उसने ऐसा ही किया, एक गुलाम उसने और खरीद लिया। अब इस गुलाम को उसने जंगल में लकड़ी काटकर शहर में बेचने के काम पर लगा दिया।

अब उसने खेत से कमाए गए पैसों से एक दुकान खोल ली। उसके गांव में कोई दुकान नहीं थी तो परिणाम यह हुआ कि उसकी दुकान पर गांव के सभी लोग खरीददारी करने आते थे। दुकान बहुत अच्छी income देने लगी।

अब उसके पास तीन जगहों से धन आ रहा था–खेत से, लकड़ियाँ बेचने से और दुकान से।

कुछ ही समय में उसने इतना धन कमा लिया कि कुछ जमीन खरीद सके। उसने ऐसा ही किया, जमा किये गए पैसों (saving money) से जमीन खरीद ली और साथ में एक गुलाम भी खरीद लिया जो नई खरीदी हुई जमीन पर काम कर सके।

अब वह हर साल जमीन खरीदता और साथ में वहां काम करने के लिए गुलाम खरीदता था। जितनी जमीन बढ़ती गयी, उतनी ही उसकी आमदनी (Income) बढ़ती गयी।

अब वह बहुत सी जमीन खरीदने लगा और साथ ही उसमे काम करने के लिए बहुत से गुलाम भी खरीदने लगा। कुछ ही वर्षों में उसके पास अपने गांव के जमीदार से भी ज्यादा जमीन हो गयी और वहां काम करने वाले सैकड़ों गुलाम हो गए।

श्यामू अब एक अमीर किसान बन चुका था।

अब श्यामू ने अपनी दुकान के लिए भी एक गुलाम खरीद लिया। अब श्यामू स्वयं free हो गया।

उसने निर्णय (decision) लिया कि अब वह अपने घर पर ही रहकर जरूरतमंद लोगों को ब्याज (interest) पर उधार देने का काम करेगा और अपने खेतों को दिन में एक बार देख आया करेगा कि वहां गुलाम कैसा काम कर रहें हैं।

अब श्यामू खुद तो कम काम करता था लेकिन उसकी earning money बहुत ज्यादा थी। अब वह चाहें तो कहीं घूमने जा सकता था या घर पर आराम कर सकता था।

जीवन को सकारात्मक और खुशहाल तरीके से जीने के लिए जिन चीजों की जरुरत होती है, वह सभी अब उसके पास थीं। अब श्यामू एक कम काम करने वाला अमीर किसान था।

How To Make Money Without Work

दोस्तों! यह कहानी मेरे द्वारा ऊपर पूछे गए प्रश्न का बिलकुल सही उत्तर और उदाहरण है।

कहानी में श्यामू की जगह आप खुद को देखें और गुलाम की जगह आप अपने कमाए गए पैसों (earned money) को देखें।

इस हिसाब से आपको करना यह है कि आपको कुछ पैसे earn करने होंगे या हो सकता है कि आपके पास कुछ पैसे पहले से ही save हों। आप अपने 500 ya 2000 Rs. के नोट को अपना एक गुलाम समझें।

अब आप अपने save किए गए गुलामों (पैसों) को किसी ऐसे कार्य में लगा दें जिनसे कुछ money return आ सके। ध्यान रहे आप इन पैसों को ऐसी जगह invest करेंगे जहाँ आपको कुछ काम न करना पड़े और return भी मिल जाये।

जाहिर है कि अब मिलने वाला return भी पैसों में ही होगा। मिलने वाले return में से प्रत्येक 500 ya 2000 Rs. के नोट को आप अपना एक नया गुलाम समझें और जब भी आपको return में एक नया गुलाम मिल जाये तो उसे बिना देर किये तुरंत काम में लगा दें अर्थात कहीं invest कर दें।

अब आपका यह नया गुलाम भी money return देने लगेगा। इस प्रकार आपके प्रत्येक गुलाम से return मिलेगा और इसी return से आपके नए गुलाम बनते चले जायेंगे जो और भी ज्यादा return देंगे।

दोस्तों! अगर आप लगातार ऐसा करते रहे तो जल्द ही एक दिन ऐसा भी आएगा जब आपके पास करोड़ों गुलाम होंगे और जिनसे मिलने वाला return भी करोड़ों में ही होगा।

हाँ! ऐसा हो सकता है। आप चाहें तो ऐसा हो सकता है।

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आप अपने गुलामों को काम पर लगा दीजिये ताकि वह आपके लिए काम कर सकें और आप अपनी मनचाही जिंदगी जी सकें।

आपको मिलने वाला प्रत्येक 500 ya 2000 Rs. का नोट आपको बहुत ख़ुशी देगा क्योकि मिलने वाला हर नोट आपका एक नया गुलाम होगा जो आपके लिए नए गुलाम तैयार करेगा।

अब आपकी इच्छा है कि आप कम काम करें या बहुत काम करें। आपको कम काम तो करना ही होगा क्योकि बिलकुल खाली रहने से भी व्यक्ति अपना जीवन नष्ट कर लेता है।

आपको अपने जगह-जगह लगाए गए गुलामों को manage करने का कार्य तो करना ही होगा। आपको केवल अपने गुलामों को इस तरह deal करना होगा ताकि वह सही से काम कर सकें और अधिक से अधिक return दे सकें।

अपने इस काम को आप Money management या Gulam management भी कह सकते हैं। यहाँ यह बात ध्यान रखिये कि 500 ya 2000 Rs. का नोट आपका एक गुलाम होगा और आपको ऐसे करोड़ों गुलाम बनाने होंगे जो हमेशा आपके गुलाम रहेंगे।

दोस्तों! अब आपके mind में एक प्रश्न यह जरूर आ रहा होगा कि–

“ऐसी कौन सी जगह हैं या ऐसे कौन से काम हैं जहाँ हम अपनी money का investment करें अर्थात अपने गुलामों को हम कहाँ लगाएं जहाँ से वह अच्छा return दे सकें ताकि हम नए गुलाम बना सकें?”

आप पैसों को कहाँ निवेश कर सकते हैं?
Where can you Invest Money?

अब मैं आपको कुछ ऐसे कार्य बताना चाहूंगा जिनकी हेल्प से आप अपने पैसों का अच्छा return प्राप्त कर सकते हैं। इनमे से आप अपने budget के हिसाब से investment करेंगे–

1- आप अपने पैसों को बैंक में RD Account खोलकर उसमे प्रत्येक महीने deposit कर सकते हैं। यह पैसे जमा करने पर आपको बैंक से return के रूप में ब्याज (interest) मिलेगा।

2- आप अपने पैसों को बैंक में FD Account खोलकर उसमे एक बार में एक निश्चित Time period के लिए deposit कर सकते हैं। यहाँ से भी आपको return के रूप में interest मिलेगा।

3- आप अपनी money का use एक घर बनाने में भी कर सकते हैं। घर बनाने के बाद आप इसमें किरायेदार रख सकते हैं। अब आपको rent के रूप में पैसा मिलना start हो जायेगा और अच्छी बात यह है कि समय बढ़ने पर आपके मकान की cost भी बढ़ती चली जाएगी और जितनी बढ़ेगी, वह भी आपका return ही होगा।

4- आप अपनी money को real estate में भी लगा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने एक land area खरीद लिया और कुछ time के लिए ऐसे ही छोड़ दिया तो समय बढ़ने पर उसकी कीमत बढ़ जाएगी और आपको बहुत अच्छा return मिल जायेगा।

5- आप अपने पैसो को ब्याज पर भी उठा सकते हैं। ऐसा करने से आपको बहुत अच्छा return भी मिल जायेगा और आप लोगों की जरुरत पड़ने पर help भी कर पाएंगे।

6- अगर invest करने के लिए money कम है तो मार्किट में बहुत सी ऐसी बस्तुएं हैं जो सस्ते में मिल जाती हैं और कुछ समय बाद महँगे में बिक भी जाती हैं। इससे आपको कम पैसे में अच्छा return मिल जाता है।

7- अगर आपके पास invest करने के लिए बहुत अच्छा पैसा है तो आप कोई अच्छा रेस्टोरेंट खोल सकते हैं। उसमे अपनी जानपहचान का एक भरोसेमंद व्यक्ति रखिये जो पूरे रेस्टोरेंट को manage करेगा। यह ऐसा होना चाहिए कि यदि आप अपने रेस्टोरेंट में न भी जा सकें तो आपको उससे एक बहुत अच्छा return मिल सके। रेस्टोरेंट के अलावा आप कोई भी ऐसी शॉप खोल सकते हैं जहाँ आपको जाने की बहुत कम जरुरत हो और आपको बहुत अच्छा return मिल सके।

8. Mutual Funds या Share Market मे निवेश अगर आप को Share market या Mutual Fund की knowledge है तो आप अपना पैसा निवेश (Invest) कर के बहुत अछी रिटर्न पा सक्ते हैं । आजकल अतिरिक्त आय कमाने का यह बहुत अछा स्रोत हैं ।

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Time And Patience - सफलता के दो पत्थर


यह प्रेरणादायक सच्ची कहानी (Inspirational real story) मैं इसीलिए share कर रहा हूँ क्योंकि यह आज के बहुत से नवयुवकों की कहानी है जो अपनी जिंदगी से निराश हो रहे हैं और उन्हें यह पता ही नहीं चल रहा है कि आखिर अब वह क्या करें और उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति भी नहीं मिल पा रहा है जो उन्हें उनकी problem से बाहर निकलने के बारे में सही रास्ता (Right way) बता सके।

पांच साल पहले पवन ने अपनी study पूरी कर ली थी और अब वह किसी अच्छे business में अपना career बनाना चाहता था।

पवन के साथ सबसे बड़ी problem यह थी कि वह सोचता बहुत ज्यादा (overthinking) था। सोचते-सोचते उसे समय (time) का पता ही नहीं चलता था।

वह कोई कार्य (work) करता भी था तो यदि उस कार्य में सफलता न मिलती तो वह बहुत परेशान हो जाता था और तुरंत इस कार्य को छोड़ देता था।

उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह क्या करे। साथ ही सभी उसे उसकी इन habits के लिए बुरा भला कहते थे लेकिन उसे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला था जो कि उसे बता सके कि उसकी प्रॉब्लम क्या है और वह इस problem से बाहर कैसे निकले?

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समय ऐसे ही गुजरता जा रहा था तभी एक दिन जब वह अपने study room में बैठा news paper पढ़ रहा था तो उसने एक seminar के बारे में पढ़ा जो next week से 5 दिन के लिए उसके शहर में होने जा रहा था। इस सेमिनार में शहर के ही एक बहुत बड़े motivational speaker आने वाले थे।

News paper में लिखा था यदि कोई इस motivational speaker से मिलना चाहता है तो appointment ले सकता है।

पवन ने सोचा किया कि क्यों न वह भी appointment ले और अपनी प्रॉब्लम उन्हें बताये। बहुत सोचते-सोचते 3 दिन बाद पवन ने उनसे मिलने के लिए appointment ले लिया।

दिए गए एक निश्चित दिन पर पवन उन मोटिवेशनल स्पीकर से मिलने पहुँचा। पवन ने अपनी सभी problems उन्हें बतायीं और उनके solution के बारे में पूछा।

Motivational speaker ने पवन की बातों को बहुत ध्यान से सुना और कहा, “सबसे पहले तुम मुझे यह बताओ कि तुम बिज़नेस कौन सा करना चाहते हो, तब मैं तुम्हें सफलता का कोई रास्ता बता सकता हूँ।”

पवन ने कहा, “मैंने हीरे और मोतियों के business के बारे में सोचा है लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही है।”

तब motivational speaker ने कहा, “ठीक है! तो मैं तुम्हें हीरे और मोतियों का business करने के लिए अपने पास रखा एक हीरा और एक मोती देना चाहता हूँ जिनकी help से तुम इस business में 100% सक्सेस हो जाओगे।”

यह बात सुनकर पवन खुश हो गया और कुछ सोचने लगा।

लेकिन तभी motivational speaker ने उससे कहा, “पवन! क्या तुम मेरे पास रखे हीरा और मोती लेने को तैयार हो?”

पवन ने कहा, “हाँ! मैं तैयार हूँ।”

तभी motivational speaker ने कहा, “लेकिन वादा करो कि मेरे दिए गए इस उपहार को तुम हमेशा अपने पास रखोगे और किसी भी हालात में इसे खुद से दूर नहीं करोगे।”

पवन बोला, “हाँ! मैं वादा (promise) करता हूँ कि आपके द्वारा दिए गए इस उपहार (gift) को खुद से कभी अलग नहीं करूँगा।”

तभी motivational speaker आगे बढ़े और पवन के हाथ पर एक बहुत छोटा सफ़ेद पत्थर रखते हुए बोले, “इस हीरे को रखो, इस हीरे का नाम “समय (TIME)” है, ध्यान रखना इसे कभी भी बेकार की बातों को सोचने में बर्बाद मत करना बल्कि इसे हमेशा अपने पास रखना और इसका सही उपयोग करना।”

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पवन की आँखें चमक उठीं। उसने मन ही मन ठान लिया कि अब कभी किसी भी प्रकार से समय को ख़राब नहीं करेगा बल्कि उसका सही उपयोग करेगा।

जैसे ही पवन motivational speaker को इस कीमती हीरे के लिए धन्यवाद देने ही वाला था तभी motivational speaker ने एक और बहुत छोटा सफेद पत्थर उसके हाथ में रख दिया और कहा, “यह मेरी तरफ से तुम्हारे लिए एक मोती है। इस मोती का नाम “धैर्य (PATIENCE)” है। जब भी तुम समय का सदुपयोग (good use of time) करने के बाद भी सफल नहीं हो पाओ तब इस मोती का उपयोग करना। यह मोती तुम्हें यह बताएगा कि एक बार के प्रयास से सफलता नहीं मिली तो कोई बात नहीं। अपने लक्ष्य को बिना बदले अगला प्रयास करो।”

अब पवन का रोम-रोम प्रसन्न हो उठा। अब उसे पता लग चुका था कि उससे क्या गलतियां हो रही थीं। साथ ही उसे इन गलतियों को सुधारने के लिए एक हीरा और एक मोती मिल चुका था जिनका उपयोग उसने अपने बिज़नेस को सफल करने के लिए किया।

Motivational speaker द्वारा दिए गए उन दो सफ़ेद पत्थर जो पवन के लिए कीमती हीरा और मोती से कम नहीं थे, इन्ही की वजह से आज पवन एक बहुत बड़ा हीरे और मोतियों का व्यापारी बन चुका है।

दोस्तों! यह कहानी आज के हर एक उस युवा (Youth) के लिए है जिसे Success प्राप्त करने में बहुत सी problems का सामना करना पड़ रहा है।

सफलता न मिलने पर उनका जीवन निराशा (Frustration) की ओर चला जा रहा है। साथ ही उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिल पाया है जो उन्हें बता सके कि वह इस समस्या का समाधान कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

आज की भागदौड भरी लाइफ में TIME की सबसे बड़ी importance है। आज के दौर में जिसने समय का सही उपयोग करना सीख लिया, समझ लो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

लेकिन कभी-कभी होता यह है कि time का सही उपयोग करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे में अधिकतर लोग अपना धीरज (patience) खो देते हैं और परिणाम यह होता है कि या तो वह अपना टारगेट बदल लेते हैं या हार मानकर बैठ जाते हैं।

लेकिन यदि ऐसी परिस्थिति (situation) में patience का उपयोग किया जाये जो सफलता की ओर जाने वाले रास्ते भी मिल जाते हैं।

तो दोस्तों! उठो और जागो! आपके पास जो Time नाम का कीमती हीरा है, उसका सही उपयोग करो और साथ ही साथ धैर्य (patience) नाम का मोती अपने पास जरूर रखो जो आपके तब काम आएगा जब आप समय का सही उपयोग करने के बाद भी परेशानियों के रास्ते से गुजर रहे होंगे।

पवन ने भी इस हीरे और मोती का सही उपयोग किया और आज वह एक सफल व्यक्ति (successful person) के रूप में जाना जाता है।

आज भी उसके पास motivational speaker द्वारा दिए गए दोनों सफेद पत्थर हैं जिन्हें वह हमेशा अपनी जेब में रखता है ताकि उन्हें देखकर वह समय और धैर्य का सही उपयोग (Right use of time and patience) करने की प्रेरणा (inspiration) प्राप्त करता रहे।



                                                       

Most Common Excuses - 5 बहाने जो हमें सफल नहीं होने देते |



जीवन में सफल होने के लिए हम लक्ष्य (Goal) बनाते हैं और बनाये गए लक्ष्य के अनुसार कार्य या मेहनत (Hard work) करते हैं।

बिना मेहनत के कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। यदि मेहनत सही दिशा में की गई है तो सफलता पाने से आपको कोई रोक नहीं सकता।

लेकिन बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो सक्सेस तो पाना चाहते हैं लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कार्य नहीं करते। ऐसे लोगों के पास कार्य न करने के बहुत से बहाने (Excuses) होते हैं।

“कोई लक्ष्य वह क्यों प्राप्त नहीं कर सकते” इसके लिए वह लगातार बहाने बनाते रहते हैं। बाद में यही Excuses उनकी Habits बन जाती हैं या यह भी कहा जा सकता है कि वह अपने बहानों के दास बन जाते हैं।

तो दोस्तों! आज मैं आपको 5 ऐसे बहानों के बारे में बताऊंगा (About most common excuses) जिनका शिकार दुनिया के अधिकतर लोग हो चुके हैं।

साथ ही साथ मैं यह भी बताऊंगा कि इन बहानों के शिकार होने से कैसे बचें (How to avoid being a victim of excuses) और यदि आप इन बहानों के शिकार हो चुके हैं तो इन बहानों पर कैसे काबू पाया जाये (How to overcome excuses) ताकि असफलता कि राह को छोड़ा जा सके और सफलता की राह की ओर कदम बढ़ाया जा सके।

5 बहाने जो हमें सफल नहीं होने देते और इन्हें कैसे दूर करें? 5 Most Common Excuses & How to Overcome them
                                        
1st
 मेरे पास इस कार्य के लिए समय नहीं है
 (I do not have enough time for this work)

दुनिया में जितने भी बहानें बनाये जाते हैं, उनमे से यह सबसे ज्यादा use होने वाला बहाना यही है। यदि लोग किसी भी कार्य से बचना चाहते हैं तो समय की कमी का बहाना सबसे ज्यादा बनाते हैं जबकि हो सकता है वह कार्य जीवन में सफलता के लिए बहुत जरुरी हो।

लोग whatsapp और facebook के लिए, TV के लिए तथा बिना जरुरी कार्यों में बहुत सा समय बर्बाद (time waste) करते हैं लेकिन जब किसी अच्छे और सुखद परिणाम देने वाले कार्य करने की बात आती है तो उनके पास एक most common excuse होता है कि “मेरे पास इस कार्य के लिए समय नहीं है।”

इस बहाने से बचने का तरीका (How to Overcome this Excuse)—

इस बहाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप समय का 1 second भी बर्बाद न होने दें। दुनिया में जितने भी महान लोग (great people) हैं या अब तक हुए हैं उनमें एक खास बात यह थी कि वह टाइम को बिलकुल भी बर्बाद नहीं करते है। आप भी अपना एक मिनट भी बर्बाद न होने दें।

कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आपके पास प्रत्येक जरुरी कार्य के लिए पर्याप्त समय है। एक बात हमेशा ध्यान रखिये कि दुनिया के सफल लोगों के पास भी दिन में 24 घंटे थे और आपके पास भी 24 घंटे ही हैं। जब वह सफल हो गए तो आप पीछे क्यों रहे।


    2nd
      यह कार्य (लक्ष्य) मेरे लिए बहुत बड़ा है, इसे मैं नहीं कर सकता
(This goal is so big for me, I can not achieve it)


सभी जानते हैं कि बड़े लक्ष्यों (Big goals) को प्राप्त करके बड़ी सफलता (Big success) प्राप्त की जा सकती है। लेकिन अधिकतर लोग बहुत बड़े लक्ष्य बनाने से बचते हैं और इससे बचने के लिए Excuse देते हैं कि यह कार्य मेरे लिए बहुत बड़ा है, इसे मैं नहीं कर सकता।

आपको भी इस बहाने के शिकार बहुत से लोग मिल जायेंगे। छोटे छोटे कार्यों को करने से तो लोग खुश होते है लेकिन बड़ी सफलता के आनंद से बहुत दूर रह जाते हैं।

इस बहाने से बचने का तरीका (How to Overcome this Excuse)—

इस बहाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप सबसे पहले एक बड़ा लक्ष्य बनायें और उसे छोटे छोटे लक्ष्यों में विभाजित कर लें। पहले एक छोटा लक्ष्य पूरा करें, इसके बाद दूसरा और फिर तीसरा।

इस प्रकार सभी छोटे लक्ष्यों को प्राप्त करने के बाद आप एक बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार आप अपने जीवन में किसी भी बड़े Goal को achieve कर सकते हैं। ध्यान रखिये, “कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं, जीता वही जो डरा नहीं।”

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3rd
इस कार्य में बहुत रिस्क है इसीलिए मैं इसको नहीं करूँगा
(There is a lot of risk in this work, so I can not do it)

यह भी एक बहुत common excuse है। बहुत से लोग अपने जीवन में बिलकुल भी रिस्क नहीं लेना चाहते। वह ऐसा जीवन चाहते हैं जो risk free हो। किसी भी कार्य या टारगेट को शुरू करने से पहले ऐसे लोग पूर्ण रूप से यह विश्वास करना चाहते हैं कि यह कार्य करने में कोई परेशानी न आये। आप ही बताइये क्या ऐसा संभव है?
कुछ लोग तो इस बहाने के बहुत बड़े शिकार बन जाते हैं और जीवन भर कोई भी काम सही से नहीं कर पाते और असफलता (failure) की ओर खींचे चले जाते हैं।

इस बहाने से बचने का तरीका (How to Overcome this Excuse)—

इस बहाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी दिनचर्या (Daily routine) को बहुत ध्यान से देखें। आप रोज अपने ऑफिस जाते हैं, क्या इसमें कोई रिस्क नहीं है? हो सकता है रास्ते में आपका एक्सीडेंट हो जाये। तो क्या आप घर से निकलने का रिस्क नहीं लेंगे? आप जिस घर में रहते हैं, हो सकता है भूकंप आये और घर की छत आप पर गिर जाये, तो क्या आप अपने घर में रहने का रिस्क नहीं लेंगे?

दोस्तों! रिस्क तो जीवन के हर कदम में है लेकिन इंसान वही है जो रिस्क में रहकर सफलता हासिल कर ले।

4th
मैं बहुत कुछ करना चाहता हूँ लेकिन अवसर ही नहीं मिल रहा
(I want to do a lot but do not get the opportunity)

बहुत से लोगों के पास यह सबसे बड़ा बहाना (Biggest excuse) होता है। ऐसे लोग सोचते हैं कि अवसर आएगा और उनसे कहेगा कि “मैं अवसर हूँ और आपके लिए सफलता से सजी थाली लेकर आया हूँ। यह थाली लीजिये और सफलता प्राप्त कर लीजिये।”

दोस्तों! ऐसा कभी नहीं होता। अवसर आपके सामने खड़ा जरूर हो सकता है लेकिन वह आपको कभी सजी हुई थाली के रूप में सफलता नहीं दे सकता। जीवन में अवसर (opportunities in life) न मिलने का Excuse देने वाले लोग अपने आसपास मौजूद अवसरों का भी फायदा नहीं ले पाते और असफल रह जाते हैं।

इस बहाने से बचने का तरीका (How to Overcome this Excuse)—

इस बहाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप यह इंतजार न करें कि अवसर आएगा और आपसे कहेगा कि “मैं अवसर हूँ और मुझे पहचान लो।” बल्कि सच यह है कि अनेकों अवसर हमेशा आपके सामने और आपके आसपास ही होते हैं। अब आपमें उन्हें पहचानने की योग्यता होनी चाहिए।

जो अपने आसपास मौजूद अवसरों का फायदा ले लेते हैं वही चैम्पियन कहे जाते हैं। दुनिया में बहुत से सफल ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपने लिए अवसरों का निर्माण (Creation of opportunities) खुद किया और खुद ही उनका उपयोग करके आज सबसे अलग और बड़ी सफलता हासिल करने वाले व्यक्ति बने।
5th
इस कार्य को कहाँ से शुरू करूँ, मुझे इस काम के बारे में कुछ भी नहीं पता
(Where to start this work, I do not know anything about this work)

यह भी एक बहुत बड़ा और सबसे अधिक बोले जाने वाला बहाना है। बहुत से लोग किसी जरुरी कार्य को भी केवल यह कहकर टाल देते हैं या छोड़ देते हैं कि “मैं नहीं जानता कि इस कार्य को कहाँ से शुरू करूँ , मुझे इस काम के बारे में कुछ भी नहीं पता।”

ऐसे लोग कभी कोई सफलता प्राप्त नहीं कर सकते क्योंकि वह कभी कोई नई चीज को सीखने की हिम्मत (Courage) ही नहीं रखते और जब तक वह किसी चीज के बारे में जानेंगे ही नहीं तो उसे करने के लिए कहाँ से शुरुआत करनी है, यह भी पता नहीं चलेगा।

इस बहाने से बचने का तरीका (How to Overcome this Excuse)—

इस बहाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने अंदर नए नए कार्यों को करने की आदत डालिये। होता यह है कि जब हम किसी काम के बारे में नहीं जानते तो उसे करने के लिए कहाँ से शुरू करें, यह भी नहीं बता सकते।

अब यदि किसी लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले जानना होगा कि किस तरह उसे प्राप्त किया जा सकता है, एक प्लानिंग बनानी होगी। जब एक अच्छी प्लानिंग बन जाएगी तो आपको खुद पता लग जायेगा कि सफलता पाने की शुरुआत कहाँ से करनी है।


Money Management Tips - जीवन में पैसे की समझ क्यों जरूरी है? |



हमारे जीवन में पैसा (Money) बहुत जरूरी है। 
अगर आजकल की दिनचर्या पर ध्यान दिया जाये तो जीवन की 90% जरुरतें पैसे से ही पूरी होती हैं। अब यदि जीवन की इतनी सारी जरूरतें पैसे से पूरी होती हैं तो प्रत्येक व्यक्ति को पैसे के बारे में अच्छी समझ भी होनी चाहिए। यदि व्यक्ति को पैसे की अच्छी समझ नहीं होगी तो वह जीवन की 90% जरूरतों को कैसे पूरा कर पायेगा?
 पैसे के बारे में अच्छी समझ नहीं होने से जीवन की जरूरतें पूरी करने में कहीं न कहीं कोई कमी जरूर रह जाएगी। केवल ज्यादा पैसा होना जीवन (Life) की 90% जरूरतों को पूरा कर दे, इस बात की कोई गारंटी नहीं है। पैसे होने से साथ साथ पैसे की समझ भी बहुत जरूरी है। एक मध्यमवर्गीय परिवार को यदि पैसे की समझ है तो वह अपनी सारी जरूरतों को बड़ी आसानी से पूरा कर सकता है। यदि एक अमीर परिवार को पैसे की समझ नहीं है तो वह अपनी सारी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता और हो सकता वह अपना पैसा गवां बैठे।

पैसे की समझ क्या हैं? (What is the “understanding of money”?)

पैसे की समझ को समझना कठिन नहीं है लेकिन पैसे की समझ को विकसित करके उसे अपने जीवन में लागू करना थोड़ा कठिन है। सरल शब्दों कहें तो आप जो पैसा कमाते हैं उसे–

1- कैसे खर्च करना है ?
2- कितना खर्च करना है ?
3- कितना बचाना है ?
4- आप भविष्य में कहाँ और कितना पैसा खर्च करेगें ? और कितनी बचत कर पाएंगे ?
5- किस किस रास्तों से आपके पास पैसा आता है ? और आप उसे कैसे Manage करते हैं ? आदि

इन सभी बातों की जानकारी रखना ही पैसे की समझ है। आपको इसी समझ को विकसित करना होता है और अपने जीवन में लागू करना होता है। पैसे की समझ अचानक ही विकसित नहीं हो जाती, इसे थोड़ा समय (Time) लगता है। वैसे तो जीवन में जब भी आप चाहे तब पैसे की समझ को विकसित करना शुरु कर सकते हैं लेकिन यदि कोई माता पिता अपने बच्चे में, जब वह 12  साल का हो, तब से पैसे की समझ को विकसित करना Start कर दें तो वह बच्चा 100 % एक अमीर और सुखी जीवन जियेगा।

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पैसे की समझ का विकास क्यों जरुरी है? (Why must develop an “understanding of money”?)

आजकल अगर आप एक सफल जीवन जीना चाहते हैं तो आपको अपने जीवन में पैसे की समझ को विकसित करना उतना ही जरूरी है जितना कि भोजन करना, पानी पीना और सांस लेना। बिना पैसे की समझ के आप एक सफल जीवन नहीं जी सकते। पैसे की समझ का विकास इसीलिए जरूरी है क्योकि-

1- यह स्कूलों में नहीं सिखायी जाती है।
2- पैसे की समझ किसी भी किताब से सीखी जा सकती है लेकिन विकसित नहीं की जा सकती।
3- जीवन की 90% जरूरतें पैसे से पूरी होती हैं, अतः पैसे की समझ बहुत जरूरी है।
4- जीवन को सुखी और आनंदपूर्ण बनाने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।
5- जीवन में अमीर व्यक्ति बनने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।
6- जीवन में एक सफल Businessman बनने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।

पैसे की समझ कैसे विकसित की जाये? (How the “understanding of money” should be developed?)

पैसे की समझ विकसित करना एक Process है जिसे समझने में कुछ समय लगता है। वैसे तो कभी भी इसकी शुरुआत जा सकती है लेकिन 12-15 वर्ष की उम्र में घर से इसकी शुरुआत सबसे Ideal होती है। पैसे की समझ विकसित करने के लिए निम्न बातों को सीखना और आदत में लाना बहुत जरुरी है—

1- पैसे की बचत की आदत बनाना (Save money)

पैसे को बचाना (बचत करना) और इसे एक आदत बना लेना पैसे की समझ को विकसित करने का First step है। प्रत्येक माता पिता को अपने बच्चे में ये आदत शुरू से ही विकसित कर देनी चाहिए। इसके लिए बच्चो को अपनी Pocket money में से कुछ पैसा बचत करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यदि आपने पैसो की बचत करना अभी शुरू नहीं किया है तो इसे आज से ही Start कर दें।

2- पैसे को कमाने के तरीके सीखना (Earn money)

जीवन को जीने के लिए हम लोग कोई न कोई Service या Business तो करते ही हैं लेकिन इसके साथ ही साथ पैसे कमाने के अन्य तरीकों को भी खोजते रहना चाहिए। हमारे पास एक रास्ते से नहीं बल्कि कई रास्तों से पैसा आना चाहिए। अपने बच्चो को भी इन सब तरीकों को बताते रहना चाहिए। यदि आपके पास आज के समय में केवल एक ही रास्ते से पैसा आता है तो आपको तुरंत कई नये रास्तों से पैसा आये, ऐसा सोचना शुरू कर देना चाहिए।

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3- पैसे का कहाँ और कैसे निवेश करना है (Investment of money)

जब आप पैसे की बचत करना शुरू कर देते हैं तो धीरे धीरे आपके पास काफी पैसा जमा हो जाता है। इस जमा हुए पैसों का क्या करना है, यह भी आपको आना चाहिए। आपको निवेश करना आना चाहिए। निवेश का अर्थ अगर सरल शब्दों में बताया जाये तो जमा किये पैसो से पैसे कमाना ही निवेश कहलाता है। आपको निवेश क
रना सीखते रहना चाहिए और इसे एक आदत बना लेना चाहिए। बच्चों को शुरू से ही निवेश के बारे में बताना और सिखाते रहना चाहिए।

4- भविष्य के लिए पैसे की योजना बनाना (Future planning)

भविष्य में होने वाले खर्चों की योजना आपको पहले से ही करनी चाहिए। बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर खरीदना आदि में होने वाले खर्चे के बारे में आपको पहले से ही योजना बनाकर पैसे को Collect करने की आदत का विकास कर लेना चाहिए और बच्चों को भी इस बारे में सिखाते रहना चाहिए। यह आदत विकसित कर लेने से समय आने पर आपको पैसे की कमी महसूस नहीं होती है और काम आसानी से हो जाता है।

5- दैनिक और महीने का बजट तैयार करने की आदत (Daily and monthly budget)

दैनिक और महीने का बजट बनाना और इसे अपनी एक आदत बना लेना बहुत जरूरी है। दिन में और महीने में आपको कितना पैसा बचाना है ? कितना खर्च करना है ? आदि का पूरा बजट आपको पहले से ही बना लेना चाहिए। इस आदत को विकसित करने के बाद आप अनावश्यक खर्चों से बच जायेंगे। इस बारे में भी बच्चों के लिए शुरू से बताना चाहिए और इस आदत को उनमे विकसित करना चाहिए।

दोस्तों ! यदि आप इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे और इन सब आदतों को विकसित कर लेंगे तभी आप पैसे की समझ रखने वाले एक अच्छे इंसान बन पाएंगे। बच्चों में इन सभी आदतों का विकास जितनी जल्दी हो सके, शुरू कर देना चाहिए।




Money Making Idea - अपनी जेब को पैसे से कैसे भरें?



आज मैं आपको जेब भरने का एक तरीका बताना चाहता हूँ  जिससे न केवल आप अपनी मनचाहा जीवन जी सकेंगे वल्कि आप एक करोड़पति या  धनी व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बना सकेंगे। इसके लिए आपको केवल कुछ जेब भरने के नियमो का पालन करना होगा तथा इन नियमो को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। यह नियम बहुत ही सरल तथा व्यवहारिक हैं।
किसी भी वर्ग का व्यक्ति चाहे वह कितना भी कमाता हो , यदि इन नियमो  का पालन करेगा तो शत प्रतिशत वह अपना मनचाहा जीवन जी सकेगा तथा धनी होने का सुख प्राप्त कर सकेगा।
अथाह पैसों से अपनी जेब को भरने के लिए आपको निम्न सरल नियमो का पालन करना चाहिए……….

1- अपनी जेब को पैसों  से भरना शुरु करें–

सबसे पहले आपको अपनी जेब को पैसों से भरना शुरु कर देना चाहिए।  इसके लिए बस आपको इतना करना हैं कि जो भी पैसा आप प्रत्येक महीने कमाते हैं उसमे से 80 % पैसा तो आप अपने खर्चे में ले लो तथा इसके बाद बाकी बचे 20 % पैसों को अपनी जेब में डाल दें।  आपको केवल इतना ही करना है और यह कार्य आपको प्रत्येक महीने करना है। यदि एक बार आप इस नियम को पालन करने की आदत डाल लेते हैं तो फिर आपको कोई भी परेशानी नहीं आएगी।  यह हो सकता है कि इसके लिए आपको अपने कुछ फालतू के खर्चे रोकने पड़े लेकिन बस आप ये जान लें कि इसके लिए आपको केवल अपने एक या दो फालतू के खर्चो को ही रोकना पड़ेगा, न कि किसी जरुरी खर्चे को रोकना पड़ेगा।  यदि आप अपने महीने के खर्चे को ध्यान से देखेंगे तो कुछ ऐसे खर्चे आपको जरूर मिलेंगे जिनके न करने पर आपके जीवन पर कोई असर नहीं होगा।  बस आपको इन्ही एक या दो खर्चो को रोकना होगा और इसके बाद कार्य आसान हो जायेगा। अपनी जेब में बढ़ते पैसों  देखकर आपको सुख की भी प्राप्ति होगी।

2- जेब में छेद न होने दें–

दूसरा नियम यह है कि पहले नियम का पालन तो करें लेकिन साथ ही साथ अपनी जेब में छेद न होने दें अर्थात जो प्रत्येक महीने आपकी जेब में 20 % आपकी कमाई का हिस्सा जाता है वह बढ़ाते तो रहें लेकिन उसमे से खर्च बिलकुल भी न करें।  यदि आपको पूरी जेब भरनी है तो ध्यान रखें कि उसमे कोई छेद न हो। कई बार आपको जेब में खनकते पेसो को देखकर व सुनकर मन करेगा के कुछ तो खर्च कर ही लूँ लेकिन तभी सतर्क  जाएँ और  मन पर काबू रखें।  आखिर आप करोड़पति बनकर अपना  मनपसंद जीवन जीने जा रहे हैं तो कुछ धैर्य तो आपको रखना ही पड़ेगा।  यदि अंको की भाषा का प्रयोग किया जाये तो आप 5 वर्षो में अपनी साल भर की आमदनी को एकत्रित  लेंगे और 10 वर्षो में आप अपनी दो साल की आमदनी को एकत्रित कर लेंगे।

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3- जेब भरने के लिए दूसरा रास्ता तैयार करें—

अब जब आपने अपनी जेब भरना शुरु कर दिया है तो अब सबसे महत्वपूर्ण नियम सामने आता है , वह ये है कि अब जेब भरने का दूसरा रास्ता भी बनाना होगा।  इसके लिए आपको अपनी जेब में पहले से जो पैसे भर चुके हैं , उसका प्रयोग निवेश में करना होगा, आपको उन पैसों से कार्य करना होगा अर्थात  पैसों से अपने लिए मेहनत करानी होगी।  यह बात ध्यान रखने की है कि अब दूसरा रास्ता बनाने के लिए मेहनत आपको नहीं  करनी है वल्कि आपके पैसों को करनी है। आप इन पैसों का ऐसी जगह निवेश करें कि यह पैसा आपके लिए मेहनत करके पैसा बनाये और खुद (मूलधन ) भी सुरक्षित रहे।  इसके लिए आप अपने पैसे को fixed deposit में जमा कर सकते हैं , इसे ब्याज पर उठा  सकते हैं ,  mutual fund में लगा सकते हैं , इसे रियल एस्टेट में लगा सकते हैं, इसे आप किसी  भी ऐसे कार्य में लगा सकते हैं जिससे वह पैसा बनाये और आपको कार्य न करना पड़े। इस  तरीके से अब आपकी जेब में दो रास्तों से पैसा आएगा।
पहला रास्ता——->>>> आपकी आमदनी के 20 % से आएगा।

दूसरा रास्ता——->>>> आपकी 20 % आमदनी के निवेश से आने वाली आय।

4- दोनों रास्तों से पैसे के वहाव को बढ़ाइए  — 

अब आपकी जेब में दो रास्तों से पैसा आना शुरु हो जाता  है।  अब आपके पास दुगनी तेजी से पैसा एकत्रित होगा।  जैसे जैसे आपकी कमाई का 20 % प्रत्येक महीने एकत्रित होता जायेगा वैसे वैसे आपकी जेब में दूसरे रास्ते से पैसा आना लगातार बढ़ता ही जायेगा।  कुछ ऐसा कार्य भी करें ताकि आप अपनी आमदनी को बढ़ा सकें जिसके लिए आप मेहनत करके 20 %  जेब में डालते हैं।  जैसे जैसे आप अपनी मेहनत वाली आमदनी को बढ़ायेंगे तो पहले रास्ते और अधिक पैसा जेब में आएगा तथा जो दूसरे रास्ते के पैसे के वहाव को भी बढ़ाएगा।  अतः आप दोनों रास्तों से आने वाले पैसे के वहाव को बढ़ा सकते हैं।

5- पैसों के अन्य रास्ते तैयार करें— 

पांचवां व अंतिम नियम ये है कि अब आप चाहें तो अपनी जेब में कई रास्तों से पैसों के वहाव को बना सकते हैं।  अब आप कई जगह निवेश कर सकते हैं अर्थात अब आपका पैसा एक जगह ही नहीं वल्कि कई जगह मेहनत करके आपके लिए पैसा बना सकता है।  आपका पैसा जितनी जगह कार्य करने जायेगा उतने ही रास्ते आपकी  जेब के लिए खुलते जायेंगे।  यहाँ पर चक्रबृद्धि ब्याज का चमत्कार कार्य करता है, मेरे हिसाब से यह इस दुनिया का आठवां अजूबा है जिससे आपकी जेब में पैसा बहुत तेज़ी से बढ़ता जाता है।

इन पांच नियमो को अपनाकर आप अपनी जेब को बहुत से रास्तों से भर सकते हो और करोड़पति बनकर अपना मनचाहा जीवन जी सकते हो। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण व आश्चर्य की बात यह है कि इतने रास्ते तैयार करने के बाद भी आप उतने ही कार्य कर रहे होते हैं जितने आप अपनी जेब की ओर एक भी रास्ता तैयार नहीं होने पर कर रहे थे।  यह है न कमाल की बात कि कार्य भी नहीं बढ़ा और करोड़पति भी बन गए। तो दोस्तों इन पांच नियमो को अपनाएं और करोड़पति बनकर अपना मनचाहा जीवन को जीना शुरु कर दें।


कैंची नहीं सुई बनें


एक बार सुई (Needle) और कैंची (Scissor) में लड़ाई हो गयी। लड़ाई इस बात को लेकर थी कि दोनों में से श्रेष्ठ कौन है? (Who is the Best?) सुई कह रही थी कि मैं श्रेष्ठ हूँ (I am the Best) और कैंची खुद को श्रेष्ठ (Best) बता रही थी। पास में खड़ा हुआ धागा (Thread) दोनों की बातें सुन रहा था।

समस्या का हल (Problem solving) न होने पर कैंची ने धागे कहा, “मैं काटने का काम करती हूँ, चाहे कपड़ा (Clothes) हो या कागज (Paper) या कुछ और, मैं उसे बड़ी आसानी से काट (Cutting) देती हूँ। यदि मैं न रहूं तो यह काम (Work) कौन करेगा। सुई मुझसे बहुत छोटी है, मुझमे लगी धातु (Metal) का यदि प्रयोग किया जाये तो बहुत सी सुई बनेंगी। अब तुम ही बताओ मैं श्रेष्ठ हूँ या सुई?”

धागे के उत्तर देने से पहले ही सुई ने धागे से कहा, “धागा जी ! तुम तो मेरे सबसे अच्छे दोस्त ( Best friend) हो, हमेशा मेरे साथ रहते हो, तुम तो जानते हो कि मैं जोड़ने का काम करती हूँ, चाहे कपड़ा हो या कागज या कुछ और, मैं उसे तुम्हारी सहायता (Help) से बड़ी आसानी से जोड़ देती हूँ। यदि मैं न रहूं तो यह काम कौन करेगा।

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कैंची मुझसे बड़ी है फिर भी वह अपने से छोटों को नीचा दिखाना (Degrade little ones) चाहती है और उसका कोई दोस्त भी नहीं है। अब तुम ही बताओ कि श्रेष्ठ कौन है? (Who is the Best?)”


धागा बड़ी सोच में पड़ गया कि किसको श्रेष्ठ कहूँ? तभी धागे को एक तरकीब (Best Idea) सूझी। वह दोनों को कपड़ा और कागज के पास ले गया और उनसे बोला, “आप लोग ही बताइये कि सुई और कैंची में श्रेष्ठ कौन है?

कपड़ा और कागज ने आपस में बातचीत की और फिर बोले, “हमारा जो अनुभव (Experience) सुई और कैंची के साथ रहा है और हमने जिस तरह की इनकी आदतों (Habits) को देखा है, उसके हिसाब से सुई श्रेष्ठ है।

धागा बोला, “वह कैसे? सुई ही श्रेष्ठ क्यों है?” तब कपडा बोला, “इस दुनिया में कैंची काटने का यानि तोड़ने (Breaking) का काम करती है जबकि सुई सिलने यानि जोड़ने (Adding) का काम करती है और जोड़ने वाला तोड़ने वाले से अधिक श्रेष्ठ (More Best) होता है।”

दोस्तों! कपड़े ने बहुत अच्छा (Very good) और सही उत्तर (Right answer) दिया। इस दुनिया में भी दो तरीके के लोग (Two kinds of people) पाये जाते है। एक प्रकार के लोग कैंची जैसे आदतों के होते है जो लोगों (People) और समाज (Society) को हमेशा तोड़ने (Break) का कार्य करते हैं और दूसरे प्रकार के लोग सुई जैसी आदतों के होते है जो हमेशा लोगों और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

आइये मैं आपको कैंची जैसी आदतों और सुई जैसी आदतों वाले लोगों के बारे में कुछ बताता हूँ ताकि आप इन लोगों को आसानी से पहचान सकें—-

सुई आकार में बहुत छोटी होती है लेकिन उसकी शक्ति बहुत बड़ी (Very big power) होती है। वह बड़े से बड़े कपड़े को आपस में जोड़ देती है। संसार में जितने भी कपड़े हैं, जिसकी आप कल्पना (Imagination) भी नहीं कर सकते, उन सबको सुई ने ही जोड़ा है जबकि कैंची ने दुनिया में अब तक जितने कपड़ों को काटा है, उसकी भी आप कल्पना (Imagination) नहीं कर सकते।

इसी प्रकार तोड़ने की आदत वाले लोगों ने हमारे समाज (Society) को जितना तोड़ा है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती लेकिन सुई जैसी आदत वाले लोगों ने हमेशा उस समाज को जोड़ने का कार्य किया है।

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कैची के काटे हुए को आज तक सुई ने ही तो सिला है। कैंची वाली आदत वाले लोग हमेशा तोड़ने की योजनाएं (Negative and Bad Plans) बनाते रहते हैं, ऐसा व्यक्ति जहाँ भी जाता है वह लोगों के संबंधों (Relations) को तोड़ता है, लोगों के बीच दीवारें (Wall) खड़ी कराता है और ऐसी बातें कहता है कि जो किसी में भी मतभेद (Dispute and Division) पैदा करवा दे जबकि सुई जैसी आदत वाला हमेशा जोड़ने के बारे में सोचता (Think positive)  है, संबंधों को जोड़ता है, लोगों के बीच खड़ी दीवारों को हटाता है और जब भी बोलता है तो मतभेद अपनेआप समाप्त हो जाते हैं।


कैंची जैसी आदत वाले लोग Negative thinking वाले होते हैं, लोगों में Failure होने की Negative feeling पैदा करते हैं। ऐसे लोग Rude और Angry nature के होते हैं, अच्छे लोगों से Jealousy की भावना रखते हैं, Possible को हमेशा Impossible बनाते रहते हैं

जबकि सुई जैसी आदत वाले लोग Positive thinking रखते हैं,  लोगों  में Success की Positive feeling को पैदा करते हैं। यह लोग Motivation और Inspiration का भी काम करते हैं, लोग  इनकी बातों से Motivate और Inspire हो जाते हैं, यह जहाँ भी जाते है लोग खुश (Be happy) हो जाते हैं। ऐसे लोग Positive attitude रखते हैं।
W.Clement Stone ने ठीक ही कहा है.…“लोगों में छोटा सा ही अंतर होता है लेकिन वह छोटा सा अंतर बड़े अंतर डालता है। वह छोटा अंतर दृष्टिकोण का होता है। बड़ा अंतर यह होता है कि वह सकारात्मक है या नकारात्मक।”
तो दोस्तों ! आप कैसा बनना चाहते हैं? कैंची जैसा? या सुई जैसा? संसार में इस समय सुइयों की बहुत जरूरत है।

इसीलिए “Be positive and Think positive” और यही Positive Message सभी को अपने Positive Behavior के द्वारा लोगों को दीजिये। लोगों को Positive life और Success के बारे में बताइये, उन्हें Motivate कीजिये। आपकी जरूरत इस समस्त संसार (All world) को है। कृपया सुई जैसा बनिए।